केंद्रीय बजट 2026-27 केवल आर्थिक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भारत के भविष्य निर्माण का रोडमैप है : उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार

शुजालपुर (शाजापुर)। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने केंद्रीय बजट 2026-27 को दूरदर्शी, सर्वस्पर्शी एवं सर्वसमावेशी बताते हुए कहा कि यह बजट हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के मूल ध्येय को परिलक्षित करता है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज़ी प्रदान करेगा।
मंत्री श्री परमार शाजापुर जिले के शुजालपुर स्थित टेम्पो चौराहा पर आमजन के साथ केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट का सजीव प्रसारण सुनने के उपरांत अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को सर्वहितैषी एवं लोककल्याणकारी बजट के लिए अभिनंदन किया।
श्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार केंद्रीय बजट के प्रावधानों को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि यह बजट सिद्ध करता है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत केवल नारा नहीं, बल्कि सरकार का दृढ़ संकल्प है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार और युवाओं की सहभागिता पर केंद्रित प्रावधान देश की सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप हैं। शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में निरंतर बढ़ता बजट आवंटन अवसंरचना विस्तार के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को मजबूत करेगा। समग्र शिक्षा, पीएम-श्री एवं पीएम-उषा योजनाओं के प्रावधानों से शिक्षा की गुणवत्ता और समान अवसरों को बल मिलेगा। प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण का निर्णय उच्च शिक्षा में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
श्री परमार ने बताया कि ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ पर केंद्रित उच्चस्तरीय स्टैंडिंग कमेटी का गठन युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक कॉरिडोर के निकट पाँच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने तथा एवीजीसी क्षेत्र के लिए कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना से शिक्षा-उद्योग समन्वय मजबूत होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
आयुष क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए मंत्री श्री परमार ने कहा कि बजट में आयुर्वेद को विशेष महत्व दिया गया है। प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने के प्रयास से न केवल स्वास्थ्य सेवाएँ सुदृढ़ होंगी, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर पारंपरिक चिकित्सा का नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा। इससे स्वास्थ्य पर्यटन और रोजगार की अपार संभावनाएँ भी खुलेंगी।
उन्होंने कहा कि आम बजट 2026-27 केवल आर्थिक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भारत के भविष्य निर्माण का स्पष्ट रोडमैप है। यह बजट आत्मनिर्भर, सशक्त, समावेशी और विश्वगुरु भारत की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा।
BY JMS NEWS AAP TAK EDITOR LAKHAN LAL(GURU)