मध्यप्रदेश पुलिस के प्रभावशाली अभियान से संभव हुआ लाल सलाम को आखरी सलाम ,मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नक्सल मुठभेड़ में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले 60 जांबाज जवानों को दी क्रम से पूर्व पदोन्नति

JMS NEWS TEAM LAKHAN LAL

BALAGHAT REPORTER

बालाघाट ने दिखाया आत्मबल, नक्सलवाद को दी अंतिम विदाई: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश हुआ नक्सल मुक्त, 60 वीर जवानों को मिला क्रम से पूर्व पदोन्नति

बालाघाट। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “बालाघाट के नाम में ही बल है। इस जिले ने अपने आत्मबल से हिमालय जैसी कठिन चुनौती नक्सलवाद का अंत कर इतिहास रच दिया है।” उन्होंने गर्व के साथ कहा कि मध्यप्रदेश की धरती अब नक्सलियों से पूरी तरह मुक्त है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देशभर में नक्सल उन्मूलन का मजबूत वातावरण बना। इसी के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश पुलिस और हॉक फोर्स ने प्रभावशाली अभियान चलाकर नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और प्रदेश से “लाल सलाम” को अंतिम सलाम कहा।

मुख्यमंत्री बालाघाट पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मुख्यमंत्री ने ‘अमर जवान ज्योति’ पर पुष्पचक्र अर्पित कर प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

60 जांबाज जवानों को मिला सम्मान

नक्सल मुठभेड़ों में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले 60 जांबाज पुलिस जवानों को क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉक फोर्स और पुलिस बल की वीरता, दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के विश्वास ने बालाघाट को नक्सल आतंक की जंजीरों से मुक्त किया है।

आईएसओ मानकों वाले 32 पुलिस थानों का लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईएसओ मानकों के अनुरूप तैयार बालाघाट जिले के 32 पुलिस थानों एवं अन्य शासकीय कार्यालयों का रिमोट से लोकार्पण किया। इस अवसर पर संबंधित प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में पुलिस जवानों द्वारा “वो बांके अलबेले, जो वापस न लौटे – इस मिट्टी के बेटे” गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। साथ ही मुख्यमंत्री ने “नक्सल संस्मरण” पुस्तक का विमोचन भी किया।

कठिन संघर्ष और बड़ी सफलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट में पूर्व में तत्कालीन मंत्री स्व. लिखीराम कावरे की सरेआम हत्या हुई थी। मध्यप्रदेश की 836 किलोमीटर लंबी सीमा छत्तीसगढ़ से लगने के कारण नक्सलवाद एक बड़ी चुनौती था। इस संघर्ष में प्रदेश ने 38 पुलिस जवान और 27 निर्दोष नागरिकों को खोया।

उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से राज्य सरकार नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने में सफल हुई है। सघन जंगलों में भी हॉक फोर्स ने मेगाकासो रणनीति अपनाकर 4 दुर्दांत नक्सलियों को ढेर किया।
पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक 4104 नक्सल विरोधी अभियान चलाए गए। वर्ष 2025 में अब तक 10 हार्डकोर नक्सलियों का सफाया किया जा चुका है।

विकास से मजबूत होगी शांति

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में नक्सलियों को दोबारा पैर जमाने का अवसर न मिले, इसके लिए सरकार हर स्तर पर काम कर रही है।
बालाघाट जिले में:

  • नक्सल प्रभावित 250 स्कूलों का नवीनीकरण,
  • वन अधिकार पट्टों का वितरण,
  • जाति प्रमाण पत्र, रोजगार और जनसेवा शिविर,
  • एकल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं।

उन्होंने घोषणा की कि महाकौशल क्षेत्र के बालाघाट में कृषि कैबिनेट का आयोजन किया जाएगा। ‘अमर जवान ज्योति’ नक्सल मुक्त अभियान का स्थायी स्मारक बनेगा।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने जताया सम्मान

परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने इस दिन को बालाघाट के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार, पुलिस और जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयास से यह सफलता मिली है।
एडीजी नक्सल विरोधी अभियान श्री वेंकटेश्वर राव ने कहा कि देशभक्ति और जनसेवा ही हमारा संकल्प है।
पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा ने विश्वास दिलाया कि जहां कभी बंदूकें गूंजती थीं, वहां अब शिक्षा, रोजगार और विश्वास का शंखनाद होगा।


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