नई शराब दुकानें नहीं खुलेंगी, आबकारी नीति 2026-27, 18,हजार करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य
JMS NEWS BY LAKHAN GURU
MP आबकारी नीति 2026-27: मुख्य बिंदु
✅ 1️⃣ शराब महंगी होने की संभावना
- नई नीति में शराब की कीमत बढ़ सकती है, क्योंकि सरकार राजस्व बढ़ाने की तैयारी में है।
- बढ़ते कर्ज और टैक्स दबाव के कारण कीमतें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
✅ 2️⃣ 18,000 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य
- सरकार ने 2026-27 में आबकारी से करीब ₹18,000 करोड़ कमाने का लक्ष्य रखा है।
- यह राज्य के बजट घाटे और कर्ज को कम करने के लिए अहम माना जा रहा है।
✅ 3️⃣ नई शराब दुकानें नहीं खुलेंगी
- नीति में साफ कहा गया है कि प्रदेश में नई शराब दुकानें नहीं खोली जाएंगी।
- पहले से बंद दुकानों को भी दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जाएगा।
✅ 4️⃣ धार्मिक शहरों में शराबबंदी जारी
- उज्जैन, ओंकारेश्वर, मैहर सहित 19 धार्मिक शहरों/स्थलों में शराब बिक्री पहले की तरह बंद रहेगी।
- यह सरकार का बड़ा सामाजिक फैसला माना जाता है।
✅ 5️⃣ लो-अल्कोहल बार (Low Alcoholic Beverage Bar)
- नई श्रेणी के बार में केवल
- 🍺 बीयर
- 🍷 वाइन
- रेडी-टू-ड्रिंक ड्रिंक
(10% से कम अल्कोहल) ही परोसी जाएगी।
- व्हिस्की, रम, वोडका जैसी हार्ड ड्रिंक प्रतिबंधित होंगी।
✅ 6️⃣ शराब ठेकों की नीलामी प्रणाली में बदलाव
- नई नीति में ठेकों की नीलामी प्रक्रिया बदलने और ठेकेदारों की मोनोपॉली खत्म करने पर जोर है।
- टैक्स कलेक्शन सिस्टम को सख्त बनाया जाएगा।
✅ 7️⃣ डिजिटल निगरानी और ई-गारंटी
- फर्जीवाड़ा रोकने के लिए
- ई-चालान
- ई-बैंक गारंटी
- डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम
अनिवार्य करने की तैयारी है।
✅ 8️⃣ शराब बिक्री पर कोई बड़ा विस्तार नहीं
- सरकार का कहना है कि नई नीति में शराब का नेटवर्क बढ़ाने के बजाय नियंत्रण और रेगुलेशन पर फोकस रहेगा।
- सामाजिक दबाव को देखते हुए नीति संतुलित रखी जाएगी।
📌 आबकारी नीति 2026-27 का उद्देश्य
👉 सरकार के मुख्य लक्ष्य:
- राज्य का राजस्व बढ़ाना
- अवैध शराब पर रोक
- धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान
- शराब माफिया और ठेकेदारों की मोनोपॉली खत्म करना
- डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ाना
🧾 आसान भाषा में
👉 शराब महंगी हो सकती है
👉 नई दुकानें नहीं खुलेंगी
👉 धार्मिक शहरों में शराब पूरी तरह बंद रहेगी
👉 सरकार टैक्स और निगरानी बढ़ाएगी