छिंदवाड़ा में अनोखा जन्मदिन: बेटी की खुशी में आंगनवाड़ी के 14 बच्चों को मिले स्कूल बैग

सोनू मालवीय, छिंदवाड़ा | 2 मार्च 2026| JMS NEWS|

आज के दौर में जहां जन्मदिन पार्टियों और निजी आयोजनों तक सीमित होते जा रहे हैं, वहीं प्रशांत विश्वकर्मा ने अपनी पुत्री गीत विश्वकर्मा के जन्मदिन को सामाजिक सरोकार से जोड़कर एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। कलेक्टर कार्यालय छिंदवाड़ा में पदस्थ प्रशांत विश्वकर्मा ने शासकीय आंगनवाड़ी बर्रा ढाना में अध्ययनरत 14 नन्हें बच्चों को स्कूल बैग उपहार स्वरूप भेंट किए।

यह कार्यक्रम सादगी, संवेदनशीलता और सेवा भावना का प्रतीक बन गया। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और उत्साह साफ झलक रहा था। उपहार पाकर बच्चों ने खुशी जताई और अपने अंदाज में जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

परिवार और सहयोगियों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी आकांक्षा विश्वकर्मा, शासकीय सेवक भीमराज अहिरवार तथा संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ संवाद भी किया गया। उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई करने, स्वच्छता बनाए रखने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया गया।

“विशेष अवसरों को सेवा से जोड़ें”

शासकीय सेवक वेलफेयर सोसायटी छिंदवाड़ा के अध्यक्ष सतीश गोडाने ने इस सराहनीय कार्य के लिए प्रशांत विश्वकर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और अन्य लोगों को भी प्रेरित करते हैं कि वे अपने विशेष अवसरों—जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या अन्य खुशियों—को सेवा एवं सहयोग के रूप में मनाएं। सोसायटी की ओर से आशा व्यक्त की गई कि भविष्य में भी इस तरह की जनहितकारी पहलें निरंतर जारी रहेंगी और अधिक से अधिक लोग इससे प्रेरणा लेंगे।

बच्चों की मुस्कान ही सबसे बड़ा उपहार

आंगनवाड़ी के 14 बच्चों के लिए यह दिन खास बन गया। नए स्कूल बैग पाकर वे बेहद उत्साहित नजर आए। कई बच्चों ने तुरंत अपने बैग पहनकर खुशी जताई। शिक्षकों ने भी कहा कि ऐसे सहयोग से बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ता है।

समाज के लिए प्रेरक संदेश

यह पहल इस बात का उदाहरण है कि सरकारी सेवक यदि चाहें तो अपने निजी उत्सवों को समाजहित से जोड़कर नई परंपरा की शुरुआत कर सकते हैं। छोटी-सी कोशिश से जरूरतमंद बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। छिंदवाड़ा में इस अनूठे जन्मदिन की चर्चा अब प्रेरणा बनती दिख रही है—जहां खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और सेवा ही सबसे बड़ा उत्सव बन जाती है।

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