ट्विशा शर्मा आत्मा हत्या या मर्डर आखिर क्यों । एक रिटायर जज गिरीवाला सिंह अपनी बहू और क्रिमनल वकील समरथ अपनी पत्नी के साथ ताल मेल क्यों नहीं बिठा पाए। ऐसी अमीरी का क्या फायदा जो इनको कष्ट दे रही है खबर से सबक तक काश कि ऐसा ना होता।
BY LAKHAN LAL , EDITOR JMS NEWS AAP TAK

Twisha Sharma का मामला 12 मई 2026 को उनकी संदिग्ध मौत के बाद देशभर में चर्चा का विषय बन गया। शुरुआत में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार ने दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट और फिर CBI तक पहुंच गया।

12 मई को क्या हुआ?
- 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा मृत पाई गईं।
- उनके पति Samarth Singh और सास Giribala Singh पर बाद में गंभीर आरोप लगे।
- परिवार का दावा था कि शादी के बाद से दहेज और मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी।
13–18 मई: संदेह बढ़ा
- ट्विशा के परिवार ने मौत को हत्या बताया।
- मीडिया रिपोर्ट्स में उनके कथित आखिरी संदेश “I am trapped, bro” का उल्लेख सामने आया।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ चोटों और परिस्थितियों को लेकर सवाल उठे।
- पुलिस ने दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से जुड़े आरोपों पर जांच शुरू की।
SIT जांच और नया विवाद
- मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) बनाई गई।
- परिवार ने पहले पोस्टमार्टम पर सवाल उठाए और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की।
- CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल की जांच शुरू हुई।
20–25 मई: मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
- देशभर में विरोध प्रदर्शन और न्याय की मांग तेज हुई।
- सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान (suo motu cognisance) लिया।
- कोर्ट ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर जोर दिया।
- AIIMS दिल्ली की मेडिकल टीम से दूसरा पोस्टमार्टम कराया गया।
24 मई
- AIIMS टीम द्वारा दूसरा पोस्टमार्टम पूरा हुआ।
- उसके बाद भोपाल में अंतिम संस्कार किया गया।
25 मई: CBI की एंट्री
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने आधिकारिक तौर पर जांच अपने हाथ में ली।
- पांच सदस्यीय टीम भोपाल पहुंची और पुराने सबूतों की दोबारा जांच शुरू हुई।
26–28 मई: पूछताछ और गिरफ्तारी
- पति समर्थ सिंह से कई घंटों तक पूछताछ हुई।
- जांच में गर्भपात (abortion), पैसों के लेन-देन और मानसिक स्थिति से जुड़े पहलुओं की भी जांच शुरू हुई।
- 28 मई को CBI ने सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
- बाद में उन्हें और समर्थ सिंह को अदालत में पेश किया गया।
29–31 मई: CBI की गहन जांच
- CBI ने घटनास्थल का पुनर्निर्माण (crime scene reconstruction) किया।
- फॉरेंसिक सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका की भी जांच हो रही है।
- मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार CBI अब ट्विशा के मेडिकल रिकॉर्ड, गर्भावस्था, गर्भपात और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
- सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को मीडिया ट्रायल से बचने की सलाह दी है।
अभी केस की स्थिति क्या है?
- मामला CBI के पास है।
- पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह जांच के मुख्य दायरे में हैं।
- दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक विश्लेषण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- अभी तक अदालत ने इसे हत्या या आत्महत्या घोषित नहीं किया है; जांच जारी है।