प्रदेश के 9149 संबल हितग्राहियों को मिली 203 करोड़ रुपए अनुग्रह सहायता,राज्य सरकार हमेशा श्रमिकों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

BY LAKHAN LAL JMS NEWS AAP TAK MOB 9425019321

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्रमिकों की सेवा, कल्याण और खुशी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपने खून-पसीने से मध्यप्रदेश के विकास की नींव मजबूत करने वाले श्रमिकों के हर सुख-दुःख में सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि विपत्ति के समय भले ही लोग साथ छोड़ दें, लेकिन सरकार अपने श्रमिक परिवारों का साथ कभी नहीं छोड़ेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के श्रमिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना 2.0 की 11वीं किश्त के रूप में 203 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक से पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की।

इस किश्त से प्रदेश के 9,149 संबल हितग्राही परिवारों को आर्थिक सहारा मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि कठिन समय से गुजर रहे परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। संबल योजना अब तक प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को सहारा दे चुकी है।

श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा से समझौता नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक मजबूती को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां ‘श्रम शक्ति संहिता’ लागू की गई है। श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ‘श्रम स्टार रेटिंग’ की शुरुआत भी की गई है।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों को उनके हुनर को निखारकर आगे बढ़ाने तथा सहकारिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘श्रमणा’ योजना शुरू की गई है।

गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स भी संबल के दायरे में

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में रोजगार के स्वरूप में भी बदलाव आया है। बड़ी संख्या में युवा ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी संबल योजना 2.0 से जोड़ा गया है।

गरीब परिवारों की स्वास्थ्य संबंधी चिंता दूर करने के लिए संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम् योजना से भी जोड़ा गया है। वहीं मेडिकल, कानून, इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहे श्रमिक परिवारों के बच्चों की फीस की चिंता भी सरकार कर रही है।

गर्भवती श्रमिक बहनों को 16 हजार की मदद

मुख्यमंत्री ने बताया कि संबल योजना के तहत पात्र गर्भवती श्रमिक बहनों को 16 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे गर्भावस्था के दौरान आर्थिक चिंता कम हो और मां-बच्चे को बेहतर पोषण मिल सके।

उन्होंने कहा कि अस्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये और स्थायी दिव्यांगता होने पर 2 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है, ताकि श्रमिक परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा न हो।

अंत्योदय ही सरकार का संकल्प

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। राज्य सरकार सभी विभागीय योजनाओं के लंबित प्रकरणों का बैकलॉग खत्म करते हुए पात्र हितग्राहियों को निर्बाध रूप से सहायता उपलब्ध करा रही है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने भी कार्यक्रम में वर्चुअली सहभागिता की। उन्होंने कहा कि संबल योजना के हितग्राहियों का बैकलॉग खत्म करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। 11वीं किश्त के माध्यम से 1 जनवरी 2026 तक का भुगतान किया गया है।

किसे कितनी सहायता?

संबल योजना के तहत सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये, दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रुपये, आंशिक स्थायी दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये, स्थायी दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये तथा अंत्येष्टि सहायता के लिए 5 हजार रुपये की सहायता दी जाती है।

11वीं किश्त में 8,027 सामान्य मृत्यु, 1,034 दुर्घटना मृत्यु, 66 आंशिक स्थायी दिव्यांगता और 22 स्थायी दिव्यांगता के हितग्राही शामिल हैं।

मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट है—मुश्किल समय में श्रमिक परिवार अकेला नहीं है, सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

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