मध्यप्रदेश बनेगा देश का प्रमुख औद्योगिक हब, CM डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में रखा निवेश और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का विजन ,राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक
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नई दिल्ली | JMS NEWS
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की तीसरी एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक में मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति, निवेश संभावनाओं और आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना को लेकर राज्य सरकार का विजन प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। निवेश-अनुकूल नीतियों, प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं और विश्वस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना के माध्यम से प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

BHAVYA योजना में MP के 11 औद्योगिक पार्कों का प्रस्ताव
भारत सरकार की BHAVYA योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश ने फेज-I, राउंड-I में 11 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं।
इन प्रस्तावित पार्कों के लिए 9,047.08 एकड़ भूमि पर औद्योगिक अधोसंरचना विकसित करने की योजना है। इन परियोजनाओं की कुल DPR लागत लगभग 8,144.35 करोड़ रुपये है।
प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों में—
- अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर — उज्जैन
- भेंसोला — धार
- पिपलरावांन-पालीकालन — देवास-शाजापुर
- IR रतलाम-पलसोड़ी — रतलाम
- आष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर — सीहोर
- मसवासी ग्रांट — सागर
- चैनपुरा — गुना
- मोहना — ग्वालियर
- धरमपुरा — जबलपुर
- सिमरा — कटनी
- शिवसागर — रीवा
शामिल हैं।
टेक्सटाइल से सेमीकंडक्टर तक निवेश के नए अवसर
धार के भेंसोला औद्योगिक पार्क को टेक्सटाइल पार्क के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। यह भारत के बड़े PM MITRA पार्क का विस्तार होगा और वस्त्र क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन को बढ़ावा देगा।
इसके अलावा प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों में फार्मा, ऑटोमोबाइल, रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट, सेमीकंडक्टर, IT और ITeS जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की योजना है।
इन परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
महिला कर्मियों के लिए सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं
राज्य सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष सुविधाओं पर जोर दे रही है। इसके तहत डे-केयर सेंटर, CCTV सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, कैंटीन और आवश्यक सुविधाओं से युक्त हॉस्टल विकसित किए जा रहे हैं।
सरकार का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।
औद्योगिक कॉरिडोर से निवेश को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे औद्योगिक कॉरिडोर और औद्योगिक नोड्स प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से विकसित होने वाली परियोजनाओं तथा निवेश-अनुकूल नीतियों के जरिए निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में MP ने रखा अपना विजन
बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री एवं एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला सीतारमण, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल तथा नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री अशोक कुमार लाहिड़ी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में DPIIT के सचिव एवं NICDIT के चेयरमैन श्री अमरदीप सिंह भाटिया ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि NICDIT के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रजत कुमार सैनी ने औद्योगिक कॉरिडोर एवं परियोजनाओं पर प्रस्तुति दी।
JMS NEWS की बड़ी खबर
9,047 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 11 नए औद्योगिक पार्कों का प्रस्ताव — 8,144 करोड़ रुपये से अधिक की DPR लागत — MP में निवेश, उद्योग और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार।