बाढ़ प्रभावितों के साथ सरकार खड़ी, राहत-बचाव में नहीं होगी कोई कमी, : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली से रीवा पहुंचकर अतिवृष्टि और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की

रीवा-शहडोल संभाग में अतिवृष्टि और राहत कार्यों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा | प्रभावित क्षेत्रों में विशेष चिकित्सा शिविर, साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था के निर्देश

रीवा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार शाम दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे और रीवा-शहडोल संभाग में अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति तथा राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार हर बाढ़ प्रभावित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। जान-माल और मवेशियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां अभी भी जलभराव है, वहां राहत शिविरों का बेहतर संचालन किया जाए तथा भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

हर प्रभावित गांव और वार्ड में लगेंगे विशेष चिकित्सा शिविर

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित सभी गांवों और नगरीय क्षेत्रों के वार्डों में विशेष चिकित्सा एवं उपचार शिविर लगाए जाएं। बुखार, सर्दी-जुकाम सहित सामान्य दिखने वाली बीमारियों के मरीजों को भी गंभीरता से लिया जाए, ताकि बाढ़ के बाद किसी तरह की बीमारी फैलने की स्थिति न बने।

उन्होंने सभी जल स्रोतों और हैंडपंपों में क्लोरीनेशन कराने तथा ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ का पानी उतर चुके क्षेत्रों में शासकीय अमले को तत्काल भेजकर लोगों को भोजन और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

नुकसान होने पर तत्काल मिले सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों का घर, भोजन सामग्री अथवा अन्य आवश्यक सामान बाढ़ में नष्ट हुआ है, उन्हें आरबीसी-64 के प्रावधानों के तहत तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। फसल क्षति की जानकारी मिलने पर तत्काल सर्वे कराया जाए। प्रारंभिक अवस्था में फसल या बुवाई नष्ट होने की स्थिति में किसानों को आवश्यकतानुसार बीज आदि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

पशुधन की सुरक्षा पर भी विशेष जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पशु चिकित्सा दल भेजने के निर्देश दिए। पशुओं के उपचार के साथ गौशालाओं में पर्याप्त चारा, भोजन और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। यदि किसी पशु की मृत्यु हुई है तो उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाए।

बाढ़ के बाद चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान

मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों और गांवों में विशेष साफ-सफाई अभियान तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि बाढ़ के बाद संक्रमण और बीमारियों के फैलाव को रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा।

उन्होंने राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने फील्ड क्षेत्रों में सक्रिय रहने तथा दल गठित कर प्रभावित इलाकों में भेजने के निर्देश दिए।

24 से 27 अगस्त तक सतर्क रहने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने आगामी 24 से 27 अगस्त 2026 के बीच संभावित सक्रिय वर्षा चक्र को देखते हुए संबंधित जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया।

गुलाब नगर में जलभराव क्षेत्र का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा के गुलाब नगर क्षेत्र में जलभराव का मौके पर निरीक्षण भी किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परिवारों को नुकसान हुआ है, उन्हें पूरी संवेदनशीलता के साथ नियमानुसार सहायता एवं मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश:
“बाढ़ प्रभावित किसी भी व्यक्ति को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी।”

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