सिंथेटिक मीथेन और लो-कार्बन ईंधन पर बड़ा मंथन, टीईएस-एच2 के साथ हुई गहन चर्चा

दावोस।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस यात्रा के दूसरे दिन मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने टीईएस-एच2 (TES-H2) के ओरिजिनेशन एवं बिज़नेस डेवलपमेंट प्रमुख श्री फिलिपो कोमेल्ली के साथ सिंथेटिक मीथेन और लो-कार्बन ईंधनों के क्षेत्र में संभावित निवेश और सहयोग अवसरों पर गहन चर्चा की।

टीईएस-एच2 विश्व के अग्रणी अंतरराष्ट्रीय सिंथेटिक मीथेन उत्पादकों में से एक है, जिसके वाणिज्यिक परिचालन कई देशों में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। बैठक के दौरान कंपनी द्वारा अपने वैश्विक दृष्टिकोण, तकनीकी क्षमताओं और भारत में चल रहे एवं प्रस्तावित कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

🔹 समुद्री परिवहन से ऊर्जा संक्रमण तक चर्चा

बैठक में समुद्री परिवहन क्षेत्र में सिंथेटिक मीथेन की बढ़ती भूमिका, भारत के भविष्य में एक प्रमुख एलएनजी आयातक के रूप में उभरने की संभावनाएं तथा गैस आधारित विद्युत उत्पादन के स्थान पर बायोगैस और स्वच्छ ईंधन विकल्पों पर देश के बढ़ते फोकस को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।

🔹 मध्यप्रदेश की रणनीतिक ताकत

अपर मुख्य सचिव श्री मनु श्रीवास्तव ने चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश की रणनीतिक प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य से होकर गुजरने वाली हजीरा–विजयपुर–जगदीशपुर (एचवीजे) गैस पाइपलाइन और गन्ना जैसे कृषि-आधारित उद्योगों से उपलब्ध बायोजेनिक CO₂ स्रोत, कम कार्बन तीव्रता वाले ईंधन विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

दोनों पक्षों ने भारत के स्वच्छ ईंधन संक्रमण और मध्यप्रदेश के लो-कार्बन विकास लक्ष्यों के अनुरूप संभावित पायलट परियोजनाओं, तकनीकी सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी के मार्गों की पहचान हेतु संवाद जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

यह संवाद अगली पीढ़ी के ईंधनों और सतत औद्योगिक समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक स्वच्छ-ऊर्जा अग्रणियों के साथ साझेदारी करने के प्रति मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र सिंह एवं आयुक्त, जनसंपर्क श्री दीपक सक्सेना भी उपस्थित रहे।

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