“मुख्य सचिव अनुराग जैन का बड़ा आरोप: एसडीएम-पटवारी मिलकर लेते हैं लाखों की रिश्वत” FOR JMS NEWS AAP TAK BY LAKHAN GURU

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एसडीएम-पटवारी पर गंभीर आरोप, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कॉन्फ्रेंस में जताई नाराजगी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जिलों के प्रशासनिक कामकाज पर कड़ी नाराजगी जताई है। सुशासन की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि एसडीएम और पटवारी लाखों रुपए लेने के बाद ही काम करते हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासनिक तंत्र में भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ रहा है और यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है।

मुख्य सचिव ने कहा, “हम कम बोलते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि कई जगह बिना पैसे लिए काम ही नहीं होता। अगर कोई कलेक्टर, एसडीएम या पटवारी इस तरह का भ्रष्टाचार कर रहा है तो उसे पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे अधिकारियों को हटाने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए।

शिकायतों पर नहीं हो रहा काम, हजारों मामले लंबित

बुधवार को सुशासन की समीक्षा के दौरान सामने आया कि शासन के विभिन्न स्तरों—अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और कमिश्नर स्तर पर—लाखों शिकायतें लंबित हैं। मुख्य सचिव के सामने पेश आंकड़ों के अनुसार:

  • 1 लाख 80 हजार शिकायतें 100 दिन से अधिक समय से लंबित
  • 27 हजार शिकायतें 3 महीने से ज्यादा पुरानी
  • 90 हजार से अधिक शिकायतें ऐसी हैं जिन्हें अब तक देखा तक नहीं गया

मुख्य सचिव ने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि जनता की शिकायतों को अटेंड न करना सीधे-सीधे सुशासन के खिलाफ है।

इंदौर पुलिस का मामला भी उठा

कॉन्फ्रेंस के दौरान इंदौर से जुड़ा एक मामला भी सामने आया। शिकायत दर्ज न होने को लेकर जब इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह को स्क्रीन पर बुलाया गया तो वे वर्चुअल रूप से मौजूद नहीं मिले। फोन करने पर उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इस पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि डीजीपी कैलाश मकवाना को इस पर ध्यान देना चाहिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जब तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग चलेगी, संबंधित जिलों के एसपी और वरिष्ठ अधिकारी अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे

नामांतरण के बदले पैसे मांगने का मामला

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने एक नामांतरण से जुड़ी शिकायत का भी जिक्र किया, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा था कि काम करने के बदले पैसे मांगे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस शिकायत को जांच के लिए कलेक्टर को भेजा गया है और मामले की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

मंत्रालय से शुरू हुई कॉन्फ्रेंस

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने यह वर्चुअल कॉन्फ्रेंस मंत्रालय के अंतिम चैंबर से शुरू की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सुशासन तभी संभव है जब अधिकारी ईमानदारी से काम करें, अन्यथा सरकार सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।

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