संविदाकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार का दायित्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

संविदाकर्मियों का सम्मान, सुरक्षा और भविष्य सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है
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संविदाकर्मियों के श्रम और विश्वास पर ही जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संविदाकर्मियों के श्रम, निष्ठा और विश्वास के कारण ही राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने में सफल हो रही है। संविदाकर्मियों की भूमिका हनुमान जी के समान है—जो बिना श्रेय की अपेक्षा किए पूरी निष्ठा से व्यवस्था को संभाले हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भोपाल के टीटी नगर दशहरा मैदान में भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के ‘संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर भारत माता एवं श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम स्थल पर उनके आगमन पर पुष्पवर्षा कर तथा विशाल माला पहनाकर स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदाकर्मी अनुबंध के माध्यम से आते हैं, लेकिन शासन-प्रशासन के संचालन और प्रबंधन में उनकी भूमिका विराट है। स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, पंचायत, नगरीय निकाय, तकनीकी सेवाएं—हर क्षेत्र में मैदानी स्तर पर सर्वे, मॉनीटरिंग और क्रियान्वयन का दायित्व संविदा भाई-बहन पूरी जिम्मेदारी से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविदाकर्मियों ने यह सिद्ध किया है कि सेवा पद से बड़ी होती है। संविदाकर्मी केवल राज्य सरकार का कार्यबल नहीं, बल्कि हमारा आत्मबल भी हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ के ‘देश के हित में करेंगे काम’ के संकल्प को संविदाकर्मी अपने आचरण से चरितार्थ कर रहे हैं।
संविदाकर्मियों के अधिकारों के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार संविदाकर्मियों के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के प्रति सदैव सकारात्मक भाव के साथ खड़ी है। पूर्व में सेवा सुधार, पारिश्रमिक सुधार, कार्य परिस्थितियों और भविष्य से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं तथा आगे भी संविदाकर्मियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। नियम, न्याय और वित्तीय संतुलन के दायरे में रहते हुए संविदाकर्मियों की सभी कठिनाइयों का समाधान निकाला जाएगा।
मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के साथ वित्त एवं सामान्य प्रशासन विभाग के समन्वय से समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जाएगा, ताकि संविदाकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।
संविदाकर्मियों की मांगों पर लिए जाएंगे ठोस निर्णय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संविदाकर्मियों की मांगों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि—
- 10 वर्ष से अधिक अनुभव वाले संविदाकर्मियों के नियमित पदों पर संविलियन हेतु 50 प्रतिशत पदों पर प्रक्रिया जारी है, जिसे आगे और बढ़ाया जाएगा।
- सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संविदा नीति-2023 के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य पोषित परियोजनाओं में सभी प्रावधानों का अक्षरशः क्रियान्वयन कराया जाएगा।
- संविदा नीति-2023 के तहत एनपीएस, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा, अनुकंपा नियुक्ति तथा सीसीए नियम 1965-66 के पूर्ण क्रियान्वयन हेतु नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे।
- विभिन्न विभागों एवं परियोजनाओं में संविदा कर्मचारियों की विसंगतिपूर्ण समकक्षता के निर्धारण हेतु अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा, जिसमें संविदा प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।
- कृषि विभाग की आत्मा योजना, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी एवं जिला विकलांग पुनर्वास केंद्रों में संविदा नीति-2023 के अंतर्गत समकक्षता निर्धारण किया जाएगा।
बड़ी संख्या में संविदा अधिकारी-कर्मचारी हुए शामिल
सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत कुलदीप सिंह गुर्जर, दिनेश सिंह तोमर, श्दर्गेश तिवारी सहित संयुक्त संघर्ष मंच के प्रतिनिधियों ने किया।
दिनेश सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच में प्रदेश के 34 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। प्रदेश महामंत्री श्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में संविदा अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।