विदिशा में अवैध फड़ों पर प्रशासन का शिकंजा, औचक निरीक्षण में बड़ी कार्रवाई

33 क्विंटल गेहूं सहित अन्य कृषि उपज जब्त, फोर्टीफाइड चावल मिलने से मचा हड़कंप

विदिशा | 11 फरवरी 2026

जिले में अवैध रूप से संचालित कृषि उपज फड़ों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर जिले में व्यवस्थाओं की मानीटरिंग के तहत कृषि उपज मंडी समिति और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के बस स्टैंड क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया, जिससे अवैध व्यापार करने वालों में हड़कंप मच गया।

संयुक्त दल ने सम्राट होटल के सामने संचालित एक फड़ पर छापा मारते हुए पाया कि वहां बिना अनुमति के कृषि उपज का क्रय-विक्रय किया जा रहा था। जांच के दौरान फड़ संचालक गजाधर गुप्ता, निवासी स्वर्णकार कॉलोनी, विदिशा के विरुद्ध मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

मौके से टीम को बड़ी मात्रा में कृषि उपज मिली, जिसमें लगभग 33 क्विंटल गेहूं, 2 क्विंटल धान और 40 किलोग्राम चना शामिल है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर इन उपजों पर बाजार मूल्य के आधार पर पांच गुना मंडी शुल्क और निराश्रित शुल्क लगाया गया।

कार्रवाई के तहत दंडात्मक मंडी शुल्क के रूप में 4,525 रुपए, निराश्रित शुल्क 905 रुपए और प्रशमन शुल्क 500 रुपए वसूलते हुए कुल 5,930 रुपए की राशि जमा कराई गई।

निरीक्षण के दौरान खाद्य विभाग की टीम को मौके पर 2.52 क्विंटल फोर्टीफाइड कर्नेल युक्त चावल भी मिला, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया। चावल की आपूर्ति और वितरण को लेकर विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।

प्रशासन ने दो टूक कहा है कि जिले में अवैध रूप से कृषि उपज का व्यापार करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने साफ संदेश दिया है कि नियमों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

कार्रवाई से जहां अवैध फड़ संचालकों में डर का माहौल बना है, वहीं किसानों और आम उपभोक्ताओं ने प्रशासन की इस पहल को सराहा है।


दैनिक जनलोक मंथन संदेश
रिपोर्ट: दीपक कपूर (विदिशा)

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