राज्यपाल परीक्षा तैयारी संस्थान के द्वितीय बैच शुभारम्भ कार्यक्रम में हुए शामिल,विद्या भारती मध्य भारत प्रांत के भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा संचालित स्व. अर्चना शुक्ला स्मृति परीक्षाओं की तैयारी
BY LAKHAN LAL / NITIN TEJRAJ JMS NEWS AAP TAK

ज्ञान के साथ नैतिकता और सेवा का भाव जरूरी: राज्यपाल मंगुभाई पट
मंगुभाई पटेल ने कहा कि समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिकता, संवेदनशीलता और सेवा का भाव भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ा बनना अच्छी बात है, लेकिन अच्छा इंसान बनना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है।
राज्यपाल श्री पटेल “समुत्कर्ष” कोचिंग संस्थान के द्वितीय सत्र के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान प्रज्ञादीप, हर्षवर्धन नगर, भोपाल में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में विद्या भारती मध्य भारत प्रांत के संगठन मंत्री निखिलेश महेश्वरी और भाऊराव देवरस सेवा न्यास के अध्यक्ष बनवारी लाल सक्सेना उपस्थित रहे।
राज्यपाल के प्रमुख संदेश
- शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज की सेवा होना चाहिए।
- ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को खोजकर उन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत है।
- संसाधनों की कमी के कारण कोई भी प्रतिभा अवसर से वंचित न रहे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सभी का सहयोग जरूरी है।
विद्या भारती का योगदान
विद्या भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष रविन्द्र कान्हरे ने बताया कि
- देशभर में लगभग 30 हजार विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
- शिक्षा की गुणवत्ता के लिए मानक आधारित मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई है।
- आधुनिक शिक्षा के लिए स्कूलों में नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनर्स्थापित करने के लिए संगठन निरंतर कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम की विशेष बातें
- एसएससी में चयनित नितिन शर्मा और राज्य सेवा परीक्षा में चयनित शालू अहिरवार ने अपने अनुभव साझा किए।
- “आओ हम बदलें वर्तमान” गीत की प्रस्तुति मधुर शर्मा ने दी।
- कार्यक्रम में राज्यपाल का स्मृति-चिन्ह और पुस्तक भेंट कर सम्मान किया गया।