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भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने 42 हजार 490 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी। फैसलों में स्कूली शिक्षा, सिंचाई, परिवहन, उद्यानिकी, प्रशासनिक व्यवस्था और किसानों से जुड़े कई बड़े प्रावधान शामिल हैं।

समग्र शिक्षा योजना के लिए 36,006 करोड़ रुपये

कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक समग्र शिक्षा योजना की निरंतरता के लिए 36,006.22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।

इस योजना के तहत पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12वीं तक के 4 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा से जुड़े प्रावधान किए जाएंगे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सीखने के परिणामों में सुधार, सामाजिक एवं लैंगिक असमानता कम करने, समावेशी शिक्षा तथा शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत करने पर जोर रहेगा।

परिवहन विभाग की 11 योजनाओं के लिए 1,166.60 करोड़

परिवहन विभाग की 11 योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए 1,166 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

इसमें उड़नदस्ता एवं चेक पॉइंट के लिए 377.41 करोड़, जिला स्थापना के लिए 361.89 करोड़, मुख्यालय स्थापना के लिए 120.10 करोड़ और स्मार्ट कार्ड योजना के लिए 245.55 करोड़ रुपये शामिल हैं।

इसके अलावा ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र, ग्रामीण परिवहन नीति, सड़क हादसों में मदद करने वाले नागरिकों के लिए नेक व्यक्ति पुरस्कार तथा सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों को भी मंजूरी मिली है।

किसानों के लिए उद्यानिकी योजनाओं को 491 करोड़

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ योजनाओं को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 491 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

फल पौध रोपण और मसाला क्षेत्र विस्तार के लिए 100-100 करोड़ रुपये, संरक्षित खेती के लिए 85 करोड़, फसल बीमा और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विकास के लिए 53-53 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं कोल्ड चेन अधोसंरचना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सिंचाई परियोजनाओं पर 2,600 करोड़ से ज्यादा

जल संसाधन विभाग से जुड़े फैसलों में उज्जैन, सिंगरौली और अशोकनगर की परियोजनाएं प्रमुख रहीं।

उज्जैन की चितावद परियोजना

चितावद वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,846 करोड़ 5 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। परियोजना के माध्यम से करीब 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित करने का लक्ष्य है।

सिंगरौली की गौंड परियोजना

गौंड वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 749 करोड़ 62 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे सिंगरौली जिले में 34,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करने का प्रावधान है।

अशोकनगर की चंदेरी परियोजना

चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 11 करोड़ 49 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परियोजना का उद्देश्य करीब 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।

तीन नए जिलों में खनिज शाखाओं के लिए 21 पद

नवगठित जिलों मैहर, मऊगंज और पांदुर्णा में जिला कार्यालय खनि शाखा की स्थापना के लिए कुल 21 नए पदों को मंजूरी दी गई है।

तीनों जिलों में 7-7 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें खनिज अधिकारी, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3, सहायक मानचित्रकार, सर्वेयर, सिपाही और भृत्य के पद शामिल हैं।

अनूपपुर और शहडोल के चार हाई स्कूलों में 36 पद

अनूपपुर और शहडोल के चार उन्नयित हाई स्कूलों के लिए कुल 36 नियमित पदों की स्वीकृति दी गई है।

इसमें 4 प्राचार्य, 24 माध्यमिक शिक्षक, 4 प्राथमिक शिक्षक और 4 सहायक ग्रेड-3 के पद शामिल हैं।

लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन पर 250 रुपये की अतिरिक्त सहायता

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत अगस्त 2026 की नियमित आर्थिक सहायता के साथ रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपये की अतिरिक्त विशेष आर्थिक सहायता देने के मुख्यमंत्री के निर्णय का कैबिनेट ने अनुसमर्थन किया।

MARKFED को 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण

मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ यानी MARKFED की रबी विपणन वर्ष 2024-25 के खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि के भुगतान के लिए 2,220.62 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

इस राशि का पुनर्भुगतान 30 सितंबर 2026 तक सुनिश्चित करने का प्रावधान है। ऋण उपलब्ध कराने में राज्य की नगद तरलता और राजकोषीय घाटे की सीमा को ध्यान में रखा जाएगा।

कैबिनेट के फैसलों से विकास को नई गति देने का प्रयास

मंगलवार की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों में शिक्षा से लेकर सिंचाई, किसान हित, परिवहन, प्रशासनिक ढांचे और महिला कल्याण तक कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। सरकार की ओर से इन योजनाओं को आगामी वर्षों में निरंतर संचालित करने के लिए वित्तीय स्वीकृतियां दी गई हैं।

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