BY LAKHAN LAL EEDITOR JMS NEWS AAP TAK

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी रमेश एस. थेटे एक बार फिर कानूनी विवादों को लेकर सुर्खियों में हैं। ₹11.50 लाख के चेक बाउंस मामले में भोपाल पुलिस ने उन्हें महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया। हालांकि गिरफ्तारी के एक दिन बाद ही भोपाल की अदालत से उन्हें जमानत मिल गई।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रदीप रामटेके ने आरोप लगाया है कि रमेश थेटे ने उनसे 11 लाख 50 हजार रुपये उधार लिए थे। इस रकम की वापसी के लिए थेटे की ओर से एक चेक दिया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब चेक बैंक में लगाया गया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने न्यायालय में मामला दर्ज कराया।
कोर्ट में लगातार अनुपस्थित रहने पर जारी हुआ वारंट
मामले की सुनवाई के दौरान रमेश थेटे कई बार अदालत में उपस्थित नहीं हुए। न्यायालय की ओर से उन्हें पेश होने के अवसर दिए गए, लेकिन अनुपस्थिति जारी रहने पर 23 मार्च 2026 को अदालत ने उन्हें फरार घोषित करते हुए स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
इसके बाद भोपाल के एमपी नगर थाना पुलिस ने नागपुर पुलिस की मदद से 28 अक्टूबर को नागपुर के मनीष नगर इलाके से उन्हें गिरफ्तार किया।
अगले ही दिन अदालत से मिली जमानत
गिरफ्तारी के बाद रमेश थेटे को भोपाल लाया गया। 29 अक्टूबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) कल्पना कोतवाल की अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने 10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहाई के आदेश दिए।
बताया गया कि थेटे ने अदालत में जमानतदार उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए निजी मुचलके पर रिहाई का अनुरोध किया था।
IAS से फिल्म निर्देशक तक का सफर
रमेश एस. थेटे मध्यप्रदेश कैडर के 1993 बैच के IAS अधिकारी रहे हैं। वे 31 जुलाई 2020 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा और ‘द बैटल ऑफ भीमा कोरेगांव’ फिल्म का निर्देशन किया। रिपोर्ट के अनुसार, यह फिल्म जनवरी 2028 में रिलीज किए जाने की बात कही गई है।
अब आगे क्या?
इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों और अदालत की कार्रवाई पर सबकी नजरें हैं। जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से दोषमुक्त होना नहीं है। मामले का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
JMS NEWS AAP TAK की नजर इस मामले की आगामी कानूनी कार्रवाई पर बनी रहेगी।