BY LAKHAN LAL EDITOR JMS NEWS AAP TAK

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भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से मिलती है लोकतंत्र, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक समरसता की सीख: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
भोपाल | 24 अक्टूबर 2026
गीता जहां समाप्त होती है, वहीं से जीवन का अभ्युदय प्रारंभ होता है — मुख्यमंत्री ने ‘अभ्युदय’ राष्ट्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव समाज के लिए आदर्श और प्रेरणास्रोत है। उनके जीवन से हमें लोकतांत्रिक मूल्यों, कर्तव्यनिष्ठा, मित्रता, सामाजिक समरसता और सेवा भाव की शिक्षा मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “जहां गीता समाप्त होती है, वहीं से जीवन का अभ्युदय प्रारंभ होता है।”
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित चौथे राष्ट्रीय HR-CSR सम्मेलन ‘अभ्युदय’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन 25 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर इंडोनेशिया से आए पद्मश्री डॉ. अगुष इंद्र उद्याना ने मुख्यमंत्री को पारंपरिक घंटी भेंट की।
श्रीकृष्ण ने सत्ता से अधिक कर्तव्य को दिया महत्व
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी मानव धर्म और राजधर्म का पालन किया। उन्होंने अत्याचारी कंस का वध किया, लेकिन स्वयं मथुरा की सत्ता पर आसीन नहीं हुए। महाभारत युद्ध के बाद भी उन्होंने युधिष्ठिर को राजगद्दी पर बैठाया। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सिखाता है कि पद से अधिक महत्वपूर्ण दायित्व और सेवा भाव है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने सुदामा के साथ मित्रता का मान रखा और योग्य व्यक्ति को जिम्मेदारी देने का आदर्श प्रस्तुत किया। उनके जीवन से नेतृत्व, उद्यमशीलता, अनुशासन और माता-पिता के प्रति सम्मान की प्रेरणा मिलती है।
श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय के माध्यम से इन स्थलों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में एक साथ शिक्षा प्राप्त की थी। यह प्रसंग सामाजिक समरसता और समानता का संदेश देता है। सरकार भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर शोध करने वाले विद्वानों और संस्थाओं को भी सहयोग प्रदान करेगी।
श्रीकृष्ण के जीवन में छिपे हैं सामाजिक न्याय और प्रकृति संरक्षण के संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ और उन्होंने बचपन से ही अनेक चुनौतियों का सामना किया। इसके बावजूद वे अपने संकल्पों पर अडिग रहे। माता यशोदा को दिया गया वचन निभाने का प्रसंग हमें वचनबद्धता और नैतिक मूल्यों की सीख देता है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मोरपंख धारण कर प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश दिया। नरकासुर के वध के माध्यम से उन्होंने सामाजिक न्याय की स्थापना का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उनके व्यक्तित्व और विचारों पर देशभर में गंभीर शोध एवं विमर्श की आवश्यकता है।
मध्यप्रदेश में खेल और कौशल विकास को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल के एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 11 पदक जीते, जिनमें पांच स्वर्ण पदक शामिल हैं। प्रदेश में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए 18 शासकीय खेल अकादमियां संचालित हैं। सरकार ने युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा और प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से तीन स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क भी संचालित है। मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के साथ युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है। सम्मेलन के दौरान टाटा समूह के प्रतिनिधि ने प्रदेश में कौशल विकास के क्षेत्र में विस्तार की मंशा भी जाहिर की।
नशामुक्ति और भारतीय ज्ञान परंपरा पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से योग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ नशामुक्ति के प्रयासों को भी बल मिलेगा। प्रदेश में आयुष महाविद्यालयों की संख्या बढ़ाने और योग एवं वेलनेस को प्रोत्साहित करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है।
भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक प्रबंधन का संगम है ‘अभ्युदय’
सम्मेलन के संयोजक डॉ. विक्रांत सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के साथ औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के न्यासी सचिव श्री शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि सरकार श्रीकृष्ण पाथेय, श्रीराम से जुड़े स्थलों और ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित एवं प्रोत्साहित कर रही है।
ESG और भारतीय सभ्यतागत ज्ञान पर हुआ मंथन
‘अभ्युदय – Integrating ESG & Civilisational Wisdom for Comprehensive Wellbeing’ सम्मेलन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक कल्याण और सुशासन यानी ESG के आधुनिक सिद्धांतों को भारतीय सभ्यतागत ज्ञान और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है।
दो दिवसीय आयोजन में कर्मयोग, लोकसंग्रह और धर्म जैसे विचारों को मानव संसाधन प्रबंधन (HR), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), नेतृत्व और संस्थागत निर्णय प्रक्रिया से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही सरकार, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्री श्रीराम तिवारी, पद्मश्री डॉ. एच.आर. नागेंद्र, श्री अद्वैत गणनायक सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता और भारतीय ज्ञान परंपरा के विद्वान उपस्थित रहे।
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