BY LAKHAN LAL EDITOR JMS NEWS AAP TAK 9425019321

सिंचाई परियोजनाओं, वन संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक न्याय पर विशेष जोर; कई जिलों में शिक्षा विभाग के नए कार्यालय खुलेंगे
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं एवं वित्तीय प्रस्तावों के लिए 8,225 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई।
बैठक में कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं से मजबूत बनाने, वनों के संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता, दिव्यांगजन कल्याण और नवगठित जिलों में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया।

1. सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹3,378.69 करोड़ मंजूर
मंत्रि-परिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के निरंतर संचालन के लिए कुल 3,378 करोड़ 69 लाख रुपये की स्वीकृति दी।
प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार हैं:
- छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना: ₹2,611.13 करोड़। इसके माध्यम से छिंदवाड़ा जिले में 1,90,500 हेक्टेयर क्षेत्र तक ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के जरिए पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।
- पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना: ₹197 करोड़। इसका उद्देश्य छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में कृषि के लिए जल उपलब्ध कराना है।
- चेंटीखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना, मुरैना: ₹531.15 करोड़। परियोजना के अंतर्गत बांध एवं सिंचाई प्रणाली से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं।
- पंचमनगर सिंचाई कॉम्प्लेक्स, सागर: ₹39.41 करोड़। पगरा बांध एवं पंचमनगर बैराज के माध्यम से सागर और दमोह जिलों के 25,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की योजना है।
इन परियोजनाओं से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने और कृषि के लिए जल उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
2. वन संरक्षण एवं नदियों के पुनर्जीवन के लिए ₹2,050.03 करोड़
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मंत्रि-परिषद ने प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि यानी कैम्पा (CAMPA) निधि की वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना के क्रियान्वयन के लिए 2,050 करोड़ 3 लाख रुपये के उपयोग को मंजूरी दी।
इस राशि का उपयोग विभिन्न कार्यों में किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:
- क्षतिपूर्ति पौधारोपण और पुराने पौधारोपण कार्यों का रखरखाव।
- बिगड़े हुए वनों का सुधार एवं वन क्षेत्र का विकास।
- नदियों के पुनर्जीवन के लिए जलग्रहण क्षेत्रों में वनीकरण।
- मृदा एवं जल संरक्षण के कार्य।
- ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण।
- संरक्षित वन क्षेत्रों में वन्यजीवों के रहवास का विकास।
- नगर वनों की स्थापना और वन विभाग की अधोसंरचना को मजबूत बनाना।
कैम्पा निधि में वन भूमि के व्यपवर्तन से संबंधित निर्धारित शर्तों के तहत प्राप्त राशि जमा की जाती है। इसका उद्देश्य वन भूमि के उपयोग से होने वाली पर्यावरणीय क्षति की भरपाई करना है।
3. सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण के लिए ₹651.25 करोड़
मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की विभिन्न योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 651 करोड़ 25 लाख रुपये स्वीकृत किए।
प्रमुख मदों में शामिल हैं:
- निर्देशन एवं प्रशासन: ₹430.04 करोड़।
- दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यालयों तथा संस्थाओं के वेतन-भत्ते: ₹152.37 करोड़।
- कलापथक योजना: ₹45 करोड़।
- आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय: ₹6.34 करोड़।
- मध्यप्रदेश राज्य सामान्य वर्ग कल्याण आयोग: ₹6 करोड़।
- स्वावलंबन केंद्र, इंदौर: ₹2.29 करोड़।
- समग्र सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम सहित अन्य योजनाएं: ₹9.21 करोड़।
इन स्वीकृतियों का उद्देश्य संबंधित योजनाओं का संचालन जारी रखना और लाभार्थियों के लिए सेवाओं की निरंतरता बनाए रखना है।
4. चार नए जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय खुलेंगे
मंत्रि-परिषद ने निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी है।
इसके लिए कुल 68 नए पदों के सृजन और आउटसोर्सिंग के माध्यम से 32 व्यक्तियों की सेवाएं लेने की स्वीकृति दी गई है। इस व्यवस्था पर 16 करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्रत्येक जिले में 17 नए पद सृजित किए जाएंगे तथा आउटसोर्सिंग के माध्यम से आठ व्यक्तियों की सेवाएं ली जा सकेंगी। इससे इन जिलों में शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
5. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के लिए ₹345.52 करोड़
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) में संचालित योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 345 करोड़ 52 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।
राशि का प्रस्तावित मदवार विवरण:
- स्थापना, वेतन-भत्ते एवं कार्यालय व्यय: ₹327.52 करोड़।
- प्रशासकीय भवन निर्माण: ₹11 करोड़।
- विभागीय परिसंपत्तियों का रखरखाव: ₹7 करोड़।
इस राशि से आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के प्रशासनिक एवं कार्यालयीन कार्यों को निरंतर संचालित करने में सहायता मिलेगी।
6. स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹1,743.58 करोड़
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की निर्देशन एवं प्रशासन संबंधी योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालित करने के लिए मंत्रि-परिषद ने 1,743 करोड़ 58 लाख रुपये की स्वीकृति दी।
इस निर्णय का उद्देश्य विभागीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं की निरंतरता सुनिश्चित करना है।
7. विधि एवं विधायी कार्य विभाग के लिए ₹40 करोड़
मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग की परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए 40 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह योजना 16वें वित्त आयोग की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रहेगी।
8. चमकविहीन गेहूं की बिक्री को कार्योत्तर मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने रबी विपणन वर्ष 2020-21 में चमकविहीन गेहूं की बिक्री से संबंधित पूर्व में की गई कार्रवाई को कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की।
मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन के माध्यम से निविदा प्रक्रिया द्वारा कुल 5.8 लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेहूं की बिक्री की कार्रवाई का अनुमोदन किया गया। इसमें दो लाख मीट्रिक टन और 3.8 लाख मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री शामिल है।
JMS NEWS AAP TAK — प्रमुख बातें
मंत्रि-परिषद की बैठक में सिंचाई, वन संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन निर्णयों में किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, दिव्यांगजन कल्याण और नवगठित जिलों में सरकारी कार्यालयों की स्थापना प्रमुख हैं।
स्रोत: उपलब्ध मंत्रि-परिषद निर्णय संबंधी विवरण।