BY LAKHAN LAL EDITOR JMS NEWS AAP TAK REPORT BY NEHA VERMA

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मध्यप्रदेश में दौड़ेंगी 15 हजार से अधिक बसें, 5 हजार नए बस मार्ग विकसित करने का लक्ष्य

प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को मिलेगी सुविधा, गांवों तक पहुंचेगी बस सेवा

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। मध्यप्रदेश परिवहन विज़न 2030-31 के तहत शहरों से लेकर गांवों तक बस सेवाओं का विस्तार, डिजिटल टिकटिंग, यात्रियों की सुरक्षा और इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

7 प्रमुख शहरों में 351 बसों का संचालन

यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 की अनुशंसाओं के अनुरूप प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू की जा चुकी है। दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों में 351 बसें संचालित हो रही हैं। इंदौर, भोपाल और जबलपुर की सिटी बसों में ‘चलो’ मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

5 हजार से अधिक बस मार्ग होंगे विकसित

मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड के विज़न 2030-31 के अंतर्गत सार्वजनिक परिवहन का व्यापक विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत:

  • 15,000 से अधिक सार्वजनिक बसों का संचालन।
  • 5,000 से अधिक बस मार्गों का विकास।
  • प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को परिवहन सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य।
  • 180 से अधिक बस डिपो एवं टर्मिनल विकसित करने की योजना।
  • चरणबद्ध तरीके से 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, रोजगार, इलाज और व्यापार के लिए आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

मोबाइल पर मिलेगी बसों की लोकेशन

प्रदेश में डिजिटल तकनीक के माध्यम से यात्रियों को बसों की लोकेशन, आने-जाने का समय और निर्धारित मार्ग की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। डिजिटल टिकटिंग और ऑनलाइन भुगतान से टिकट लेना आसान होगा। वहीं, टिकटों की डिजिटल निगरानी से किराये की आय में पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

यात्रियों की सुरक्षा पर रहेगा जोर

बसों में सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा प्रणालियां लगाने के साथ सुरक्षित बस स्टैंड, स्वच्छ प्रतीक्षालय और आधुनिक यात्री टर्मिनल विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। बसों की समय-सारणी में सुधार और आवश्यकतानुसार फेरे बढ़ाने से यात्रियों को लंबे इंतजार से राहत देने का लक्ष्य है।

पीपीपी मॉडल से होगा बसों का संचालन

प्रदेश में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से बस परिवहन सेवाओं को विकसित किया जा रहा है। निजी बस संचालकों का चयन पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। बसों के रखरखाव, संचालन, समय-सारणी और यात्री सुरक्षा के लिए निर्धारित नियमों के साथ चालकों एवं परिचालकों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है।

इलेक्ट्रिक बसों से पर्यावरण संरक्षण

परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों और स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दी गई जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रतिवर्ष 70 हजार टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने का लक्ष्य है। इसके लिए चार्जिंग सुविधाओं और आधुनिक बस डिपो के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।

आम नागरिकों को मिलेगी बेहतर परिवहन सुविधा

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का उद्देश्य यात्रियों को समय पर बस, किफायती किराया और सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना है। परिवहन विज़न 2030-31 के लक्ष्यों के पूरा होने पर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार हो सकेगा।

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