BY LAKHAN LAL \ NEHA

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बुनियादी ढांचे, सिंचाई, बिजली, खेल, न्यायिक व्यवस्था और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े करीब 13 हजार 790 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण एवं संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपये की सैद्धांतिक सहमति दी है। इन परिसरों का नाम ‘मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ रखा जाएगा। वहीं प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को देखते हुए 2800 मेगावॉट ताप विद्युत खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
किसानों के लिए सिंचाई परियोजनाओं को बड़ी मंजूरी

कैबिनेट ने सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए नीमच और राजगढ़ की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगामी पांच वर्षों के लिए निरंतरता प्रदान की है।
जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। परियोजना के माध्यम से दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से खेतों तक पानी पहुंचाने और पानी की बचत के साथ सिंचाई क्षमता एवं कृषि उत्पादकता बढ़ाने का लक्ष्य है।
राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए 262 करोड़ 63 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है।
इसी तरह पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से राजगढ़ जिले में करीब 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
इन तीनों परियोजनाओं से कुल मिलाकर 88 हजार हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम होगा।
2800 मेगावॉट ताप विद्युत खरीद को मंजूरी
प्रदेश की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए कैबिनेट ने 2800 मेगावॉट ताप विद्युत खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके लिए मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया अपनाई जाएगी। बिजली मध्यप्रदेश में मौजूद, निर्माणाधीन तथा प्रस्तावित नई ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड ताप विद्युत परियोजनाओं से खरीदने की प्रक्रिया की जाएगी।
140 विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
प्रदेश की खेल प्रतिभाओं और युवाओं को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण और संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपये की सैद्धांतिक सहमति दी गई है।
इन परिसरों का नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स होगा। निर्णय के अनुसार मुख्य मैदान के बीच स्थायी हेलीपैड बनाने का भी प्रावधान रखा गया है, जिससे पीएमश्री योजना के हेलीकॉप्टरों का आवागमन सुगम हो सकेगा।
न्यायिक व्यवस्था को भी मिली बड़ी वित्तीय मंजूरी
कैबिनेट ने 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी कई योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी दी।
- उच्च न्यायालय (भारित) — 2,015.60 करोड़ रुपये
- परिवार न्यायालयों की स्थापना एवं संचालन — 1,000 करोड़ रुपये
- ग्राम न्यायालय योजना — 554.61 करोड़ रुपये
- मध्यप्रदेश विधिक सहायता एवं विधिक सलाह बोर्ड — 524 करोड़ रुपये
इन स्वीकृतियों के माध्यम से न्यायालयों में न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन-भत्ते, कार्यालयीन खर्च और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की निरंतरता सुनिश्चित की जाएगी।
वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाओं को 969.87 करोड़
कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग की छह योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए कुल 969 करोड़ 87 लाख रुपये की मंजूरी दी है।
इसमें संपदा ई-रजिस्ट्री, स्टॉम्प बिक्री, स्टॉम्प लागत, विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण, डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम तथा जिला/उप पंजीयक कार्यालय भवन निर्माण एवं विस्तार जैसी योजनाएं शामिल हैं।
इंदौर दंत चिकित्सा महाविद्यालय में 13 नए पद
शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में 13 नवीन शिक्षकीय पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
इसमें:
- 1 प्राध्यापक
- 10 सह-प्राध्यापक
- 2 सहायक प्राध्यापक
के पद शामिल हैं।
इसके साथ बीडीएस पाठ्यक्रम की सीटें 63 से बढ़ाकर 100 और एमडीएस पाठ्यक्रम की सीटें 35 से बढ़ाकर 44 करने का लक्ष्य रखा गया है। इन पदों पर प्रतिवर्ष करीब 3 करोड़ 78 लाख रुपये का व्यय संभावित है।
मैहर, पांढुर्णा और सिंगरौली में नए PHE कार्यालय
नवगठित जिलों में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नए कार्यालयों को भी मंजूरी दी गई है।
मैहर में जिला कार्यालय के लिए 5 स्थायी पद और 2 आउटसोर्स कर्मचारी, पांढुर्णा में 5 स्थायी पद और 2 आउटसोर्स कर्मचारी तथा सिंगरौली के चितरंगी में अनुविभागीय कार्यालय के लिए 3 स्थायी पद और 1 आउटसोर्स कर्मचारी स्वीकृत किया गया है।
JMS NEWS AAP TAK | भोपाल
मंत्रि-परिषद के इन फैसलों में एक ओर सिंचाई और बिजली जैसे बुनियादी क्षेत्रों को मजबूती देने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर खेल, न्यायिक व्यवस्था, चिकित्सा शिक्षा और नवगठित जिलों के प्रशासनिक ढांचे को विस्तार देने के फैसले लिए गए हैं।