मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक / शिक्षा, किसान, ऊर्जा, सिंचाई, शहरी विकास और स्पेसटेक में ऐतिहासिक फैसले

मंत्रि-परिषद् के प्रमुख निर्णय

  • शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना लागू
    राज्य सरकार द्वारा योजना के क्रियान्वयन हेतु 322 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
  • सांदीपनि विद्यालयों के द्वितीय चरण के विस्तार को मंजूरी
    प्रदेश के 200 सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3 हजार 660 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति।
  • उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना को स्वीकृति
    नागरिकों को सतत एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये स्वीकृत।
  • राजगढ़ एवं रायसेन जिलों की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
    किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 898 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति।
  • व्यापार मेले में ऑटोमोबाइल विक्रय पर कर में छूट
    ग्वालियर व्यापार मेला एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला–2026 के दौरान ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट देने की स्वीकृति।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास से जुड़े अनेक ऐतिहासिक और जनहितैषी निर्णय लिए गए। बैठक की विशेष बात यह रही कि मुख्यमंत्री सहित मंत्रि-परिषद के सभी सदस्य डिजिटल टैबलेट के साथ बैठक में शामिल हुए, जो शासन की आधुनिक कार्यशैली को दर्शाता है।

शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना को मंजूरी

मंत्रि-परिषद द्वारा शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना लागू करने की स्वीकृति प्रदान की गई। यह योजना 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद प्रभावशील होगी। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे हजारों शिक्षकों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

द्वितीय चरण में 200 सांदीपनि विद्यालयों को हरी झंडी

प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में मंत्रि-परिषद ने द्वितीय चरण में 200 सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना हेतु 3 हजार 660 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। प्रस्तावित विद्यालयों की क्षमता एक हजार से अधिक विद्यार्थियों की होगी, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में नया मानक स्थापित होगा।

सिंहस्थ-2028 के मद्देनज़र उज्जैन जल आवर्धन योजना स्वीकृत

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1,133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। इससे उज्जैनवासियों को दीर्घकालिक और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

वीर शहीद एएसआई गौतम के परिवार को 90 लाख की श्रद्धा निधि

मंत्रि-परिषद ने जिला मऊगंज की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में वीरगति को प्राप्त सहायक उप निरीक्षक स्व. रामचरण गौतम के परिवार को 90 लाख रुपये की श्रद्धा निधि देने की स्वीकृति दी। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 10 लाख रुपये की विशेष अनुग्रह राशि प्रदान की जा चुकी है। कर्तव्य पालन में अदम्य साहस का परिचय देने वाले शहीद अधिकारी को सरकार ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

व्यापार मेलों में ऑटोमोबाइल पर 50% मोटरयान कर छूट

मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला-2026 एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला-2026 के दौरान ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट देने की स्वीकृति दी गई। इससे व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा और आम नागरिकों को सीधा लाभ होगा।

सोलर-सह-स्टोरेज परियोजनाओं को मंजूरी

प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मंत्रि-परिषद ने तीन सोलर-सह-स्टोरेज प्रदाय परियोजनाओं को स्वीकृति दी। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित इन परियोजनाओं के अंतर्गत

  • 300 मेगावाट (4 घंटे),
  • 300 मेगावाट (6 घंटे) और
  • 200 मेगावाट (24 घंटे)
    विद्युत भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी। इससे पीक डिमांड के समय भी सस्ती, स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध हो सकेगी।

राजगढ़ एवं रायसेन में सिंचाई विस्तार को 898 करोड़ से अधिक की मंजूरी

किसानों को समृद्ध बनाने की दिशा में मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ एवं रायसेन जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के लिए 898 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी।

  • राजगढ़ जिले में मोहनपुरा विस्तारीकरण परियोजना से 26 गांवों की 11,040 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
  • रायसेन जिले की सुल्तानपुरा और बारना उद्वहन परियोजनाओं से कुल 56 गांवों के हजारों कृषक परिवारों को लाभ मिलेगा।

मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने राज्य को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश स्पेसटेक नीति-2026 लागू करने की स्वीकृति दी। इस नीति से अगले 5 वर्षों में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 8,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। यह नीति उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण और नवाचार को नई दिशा देगी।

मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना पंचम चरण

प्रदेश के नगरीय निकायों में अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना – पंचम चरण को 3 वर्षों के लिए 5,000 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। योजना से सड़कों, पेयजल, सीवरेज, यातायात सुधार और शहरी सुविधाओं का व्यापक विकास होगा।

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