उद्यमिता की राह पर प्रदेश के युवा, आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदमसरकारी सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन से साकार हो रहे हैं युवाओं के सपने

JMS NEWS AAP TAK LAKHAN LAL (YOG GURU)

जब इच्छाशक्ति हो मजबूत, तो सपने बनते हैं उद्योग
प्रदेश के युवा, सरकारी योजनाएँ और तकनीकी सहयोग—सफलता की त्रिवेणी

पीएमएफएमई योजना से युवा उद्यमी अभिषेक जायसवाल बने स्वरोजगार का उदाहरण

केन्द्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी श्री अभिषेक जायसवाल ने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने जिले में डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना कर न केवल अपनी पहचान बनाई है, बल्कि युवाओं एवं किसानों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

पीएमएफएमई योजना खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में युवाओं को मिल रहा संबल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शासन द्वारा विभागीय मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता एवं वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराकर युवाओं को उद्यम स्थापना हेतु प्रेरित किया जा रहा है, जिससे वे स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकें।

यूनिट स्थापना से मिली नई पहचान

बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी अभिषेक जायसवाल एक शिक्षित युवा हैं। उन्होंने कृषि में स्नातक (बीएससी एग्रीकल्चर) तथा एग्रीकल्चर मैनेजमेंट में एमबीए की पढ़ाई की है। कृषि से जुड़े परिवार से होने के कारण प्रारंभ से ही उनकी रुचि कृषि आधारित व्यवसाय को आगे बढ़ाने में रही।

उद्यानिकी विभाग के सहयोग से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत अभिषेक ने डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की, जिसने मात्र चार माह में ही लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

पीएमएफएमई योजना से मिला संबल

अभिषेक जायसवाल बताते हैं कि उन्हें उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने अपना उद्यम प्रारंभ करने का निर्णय लिया। बैंक से प्राप्त वित्तीय सहायता के माध्यम से उन्होंने अक्टूबर 2025 में डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की। इस यूनिट में मुख्य रूप से प्याज और केला के डिहाइड्रेट उत्पाद तैयार किए जाते हैं।

क्या है डिहाइड्रेट यूनिट

डिहाइड्रेशन यूनिट एक ऐसी प्रसंस्करण इकाई है, जिसमें फल एवं सब्जियों से कम तापमान पर नमी हटाकर उन्हें सुखाया जाता है। यह प्रक्रिया जल्दी खराब होने वाली खाद्य सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है तथा उन्हें फ्लेक्स, चिप्स अथवा पाउडर के रूप में उपयोग योग्य बनाती है।

डिहाइड्रेशन से उत्पादों का भंडारण एवं परिवहन आसान और कम खर्चीला हो जाता है। सही तकनीक से सुखाने पर उत्पाद का रंग, स्वाद एवं पोषण तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद उपलब्ध होते हैं।

उत्पादन की प्रक्रिया

अभिषेक बताते हैं कि प्याज को डिहाइड्रेट करने के लिए पहले उसका छिलका हटाकर अच्छी तरह साफ किया जाता है। इसके बाद कटर मशीन से 1 एमएम स्लाइस तैयार कर क्रेट में भरकर इलेक्ट्रॉनिक ड्रायर में लगभग 10 घंटे निर्धारित तापमान पर रखा जाता है।

पाउडर बनाने के लिए स्लाइस को पल्वराइज़र मशीन में पीसकर वाइब्रो फिल्टर से छाना जाता है। वहीं केले को लगभग 60 डिग्री तापमान पर 8 घंटे तक ड्रायर में रखा जाता है। इसी प्रकार हल्दी, मैथी एवं अन्य उत्पादों के लिए भी समान प्रक्रिया अपनाई जाती है।

रोजगार के अवसर भी हुए सृजित

इस यूनिट में वर्तमान में 5 से 6 लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इससे न केवल अभिषेक का व्यवसाय आगे बढ़ रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

मांग और बिक्री से बढ़ रही आय

अभिषेक जायसवाल प्रतिमाह लगभग 5 से 6 क्विंटल डिहाइड्रेट उत्पादों की बिक्री कर लेते हैं, जिससे उन्हें लगभग 50 से 60 हजार रुपये प्रति माह की शुद्ध आय प्राप्त होती है। उत्पादों की पैकेजिंग 30 एवं 50 किलोग्राम के पैकेट्स में की जाती है।

ग्राहकों द्वारा डिहाइड्रेट उत्पादों को काफी पसंद किया जा रहा है। नियमित ग्राहकों के साथ-साथ मांग के अनुसार पैकेट्स भी तैयार किए जाते हैं।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ने की तैयारी

अभिषेक के उत्पादों की बिक्री बुरहानपुर जिले के साथ-साथ इंदौर, मुंबई सहित अन्य शहरों में भी हो रही है। आने वाले समय में वे अपने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से विक्रय करने की तैयारी कर रहे हैं।

योजना बनी आत्मनिर्भरता की राह

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत सही मार्गदर्शन, शासकीय सहयोग एवं दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर आज युवा न केवल स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं।

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