लोहा चोर ट्रांसपोर्ट कारोबारी इंद्रजीत सिंह ‘छोटू’ के ठिकानों पर GST की दबिश,डीजल टैंक में लोहा भरके लोहा चोरी का अनूठा तरीका
GST जांच के घेरे में इंद्रजीत सिंह ‘छोटू’, ट्रांसपोर्ट कारोबार को लेकर बढ़ी हलचल
RE EDIT BY LAKHAN GURU NEW BY विजया पाठक, एडिटर, जगत विजन

भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से जुड़े ट्रांसपोर्ट कारोबार को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ट्रांसपोर्ट कारोबारी इंद्रजीत सिंह उर्फ ‘छोटू’ से जुड़े ठिकानों पर स्टेट GST विभाग की कार्रवाई के बाद कारोबारी जगत में हलचल मच गई है। GST दुर्ग की टीम ने हथखोज स्थित हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी (HTC) के कार्यालय और गोदाम के साथ बलौदाबाजार स्थित कंपनी के यार्ड में पहुंचकर कारोबारी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की।
कई घंटे चली कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कंपनी के रिकॉर्ड, कागजात, कारोबारी गतिविधियों और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। हालांकि, GST विभाग की ओर से अब तक यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है कि कार्रवाई किस शिकायत, सूचना अथवा कथित कर अनियमितता के आधार पर की गई। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
करीब 1,500 ट्रकों से जुड़ा कारोबार
इंद्रजीत सिंह उर्फ ‘छोटू’ को भिलाई के प्रमुख ट्रांसपोर्ट कारोबारियों में गिना जाता है। HTC के निदेशक के रूप में उनका नाम सामने आता है और कंपनी से करीब 1,500 ट्रकों के संचालन से जुड़े होने की जानकारी है। इतने बड़े परिवहन नेटवर्क के चलते कंपनी के कारोबार में बिलिंग, भुगतान, माल ढुलाई और वाहन संचालन से संबंधित बड़ी संख्या में लेन-देन होते हैं।
इसी वजह से GST जांच में कारोबारी दस्तावेजों और वाहन संचालन से जुड़े रिकॉर्ड को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग द्वारा अलग-अलग स्थानों पर जांच किए जाने से यह संकेत मिलता है कि कारोबारी गतिविधियों और दस्तावेजी रिकॉर्ड का व्यापक मिलान किया जा रहा है।
BSP से जुड़े कारोबार पर भी नजर
HTC का कारोबार भिलाई स्टील प्लांट से भी जुड़ा बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी की करीब 60 से 70 गाड़ियां BSP में परिवहन संबंधी कार्यों में लगी हैं। ऐसे में वाहन संचालन, बिलिंग, भुगतान और माल परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड जांच के महत्वपूर्ण हिस्से हो सकते हैं।
हालांकि, वर्तमान GST कार्रवाई में BSP से जुड़े कारोबार को लेकर विभाग ने कोई विशेष आपत्ति दर्ज की है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
लोहा चोरी के पुराने आरोप फिर चर्चा में
इंद्रजीत सिंह उर्फ ‘छोटू’ का नाम इससे पहले भी भिलाई स्टील प्लांट से कथित लोहा चोरी के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है। लेख में किए गए दावों के अनुसार, प्लांट से चोरी के लिए ट्रकों के डीजल टैंक और बेस में कथित रूप से छाई अथवा लोहे की डस्ट छिपाकर ले जाने और अंदर पहुंचने के बाद उसे खाली कर चोरी का लोहा भरने का तरीका अपनाया जाता था।
इन आरोपों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। इसलिए इन्हें जांच एवं उपलब्ध दावों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
250 टन लोहे के मामले ने भी बढ़ाई चर्चा
इसी बीच दुर्ग में प्लांट से कचरा हटाने की आड़ में कथित तौर पर बड़ी मात्रा में कीमती लोहा निकालने के मामले ने भी सुर्खियां बटोरी थीं। पुलिस कार्रवाई में करीब 250 टन लोहा बरामद किए जाने और लगभग 3.22 करोड़ रुपये की गाड़ियों एवं क्रेन जब्त किए जाने की बात सामने आई थी। मामले में भाजपा के वैशाली नगर मंडल कोषाध्यक्ष भास्कर मुदलियार का नाम सामने आने के बाद पार्टी द्वारा उन्हें छह वर्ष के लिए निष्कासित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
40 साल में 10 हजार करोड़ की चोरी का दावा
भिलाई स्टील प्लांट में पिछले करीब 40 वर्षों के दौरान 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के लोहे की चोरी का दावा भी किया गया है। हालांकि यह आंकड़ा एक आरोप/दावे के रूप में सामने आया है और इसकी पुष्टि किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट से होना बाकी है।
दुर्ग पुलिस द्वारा कथित संगठित लोहा चोरी नेटवर्क का पर्दाफाश किए जाने के बाद अब GST विभाग की कार्रवाई ने मामले को एक नए कोण से चर्चा में ला दिया है।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि GST विभाग की जांच में क्या सामने आता है। कंपनी के रिकॉर्ड, बिलिंग, भुगतान, वाहन संचालन और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर संबंधी कोई अनियमितता या कर चोरी हुई है अथवा नहीं।
जब तक विभाग की ओर से आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आता, तब तक किसी व्यक्ति या कंपनी को कर चोरी अथवा किसी अन्य अपराध का दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। अब निगाहें GST जांच की रिपोर्ट और विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।