BY LAKHAN LAL AND TEAM JMS NEWS AAP TAK

भोपाल, मध्यप्रदेश | JMS NEWS AAP TAK

मध्यप्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 का सातवां संस्करण महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। राजधानी भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय आयोजन में पर्यटन क्षेत्र के लिए लगभग 3,729 करोड़ रुपये के निजी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। कार्यक्रम के दौरान कुल 10,263 बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें हुईं, जिनके माध्यम से प्रदेश के पर्यटन कारोबारियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के प्राकृतिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक केंद्रों, वन्यजीव अभयारण्यों और जनजातीय संस्कृति को पर्यटन एवं रोजगार का प्रमुख आधार बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

34 देशों के प्रतिनिधियों ने दिखाई रुचि

मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट में 34 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने भाग लिया। पिछले वर्ष 27 देशों के 90 विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस बार सात नए देशों की भागीदारी दर्ज की गई।

इसके साथ ही देश के 15 राज्यों से 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स भी आयोजन में शामिल हुए। प्रदेश के 250 से अधिक टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और प्रदर्शकों सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने अपनी सेवाओं और संभावनाओं को प्रस्तुत किया।

10,263 B2B बैठकें, पिछले वर्ष से 14 प्रतिशत अधिक

ट्रैवल मार्ट में हुई 10,263 व्यावसायिक बैठकों ने नया रिकॉर्ड बनाया। वर्ष 2025 में लगभग 9,000 बैठकें हुई थीं। इस प्रकार इस वर्ष बैठकों में करीब 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इन बैठकों से स्थानीय होटल संचालकों, टूर प्रमोटर्स और ग्रामीण होमस्टे संचालकों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। आयोजन में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े 177 स्टॉल लगाए गए।

सीहोर के रामगढ़ में ₹848.40 करोड़ की परियोजना

निवेश प्रस्तावों में सीहोर जिले के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित परियोजना प्रमुख रही। कंपनी ने 848.40 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू किया है।

प्रस्तावित परियोजना में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित किए जाने की योजना है। इससे लगभग 920 से अधिक कुशल एवं अकुशल युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

बांधवगढ़, कान्हा और सतपुड़ा में ₹520 करोड़ का निवेश

वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के बीच 520 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता हुआ। इसके अंतर्गत बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा टाइगर रिजर्व के आसपास आधुनिक वन्यजीव रिसॉर्ट विकसित करने की योजना है। परियोजना से लगभग 375 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

उज्जैन, इंदौर, मांडू और खजुराहो में भी निवेश की तैयारी

ट्रैवल मार्ट में कई अन्य महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव भी सामने आए।

  • एटमॉस्फियर ग्रुप: उज्जैन, इंदौर और वन्यजीव पर्यटन क्षेत्रों में 500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव।
  • रेनी ग्रुप: मांडू की ऐतिहासिक लुनेरा सराय को 130 करोड़ रुपये में वेलकम होटल बाय आईटीसी के रूप में विकसित करने की योजना।
  • खजुराहो: कुटनी डैम पर वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट सहित 290 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव।
  • सर्व ग्रुप: मढ़ई में ताज सफारीज के साथ अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल 300 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव।
  • रामको ग्रुप: वन्यजीव सर्किट में 120 से 140 करोड़ रुपये के सतत पर्यटन रिसॉर्ट प्रस्ताव।
  • वराय होटल्स: उज्जैन में 80 करोड़ रुपये के होटल का प्रस्ताव।
  • इवॉल्व बैक: मांडू में 50 करोड़ रुपये के निवेश की योजना।

इसके अतिरिक्त, ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम को सिंहस्थ 2028 से पहले तैयार करने का लक्ष्य बताया गया।

ओरछा और पन्ना की धरोहरों को मिलेगा नया स्वरूप

ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ओरछा में 50 करोड़ रुपये के रिसॉर्ट की स्थापना हेतु लेटर ऑफ अवॉर्ड दिया गया। वहीं, पन्ना के ऐतिहासिक लक्ष्मीपुर पैलेस में 10 करोड़ रुपये के निवेश से हेरिटेज होटल विकसित करने की योजना है।

इसके साथ ही ओरछा की धरोहरों के संरक्षण, पर्यटक वाहन चालकों के प्रशिक्षण और टेकनपुर स्थित बीएसएफ अकादमी में सैन्य पर्यटन के विकास के लिए भी समझौते किए गए।

डिजिटल पर्यटन और ग्रामीण होमस्टे को बढ़ावा

मध्यप्रदेश पर्यटन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए एक्सप्लर्जर के साथ एमओयू किया गया। योजना के अंतर्गत 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1,000 क्यूआर कोड बोर्ड और एआई आधारित बहुभाषी पर्यटक सहायता विकसित की जाएगी।

‘ग्राम स्टे’ के साथ हुए समझौते से ग्रामीण होमस्टे को अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों को पर्यटन के माध्यम से आय बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।

फिल्म पर्यटन और साहसिक पर्यटन पर विशेष जोर

मध्यप्रदेश को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए ‘द वायरल फीवर’ (TVF) और केआरएआरके फैमिली ऑफिस के साथ समझौते किए गए। इन पहलों के माध्यम से फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय युवाओं को सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन से जुड़े कौशल का प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा।

साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और नैट्रैक्स के साथ भी समझौते हुए। इनका उद्देश्य साहसिक गतिविधियों में सुरक्षा मानकों, स्थानीय गाइडों के प्रमाणन तथा मोटरस्पोर्ट्स और ऑटो-टूरिज्म को प्रोत्साहित करना है।

2027 तक 15 नए फाइव-स्टार होटल बनाने का लक्ष्य

मध्यप्रदेश में पिछले 10 वर्षों के दौरान पर्यटन क्षेत्र में 3,963 करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित किया गया। इस अवधि में 9,608 नए कमरे जुड़े और 38,432 रोजगार सृजित होने की जानकारी दी गई है।

वर्तमान में प्रदेश में 18 फाइव-स्टार होटल संचालित हैं। वर्ष 2027 तक 15 नए फाइव-स्टार होटल विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

वैश्विक पहचान के साथ स्थानीय रोजगार पर फोकस

ट्रैवल मार्ट में वन्यजीव संरक्षण, ग्रामीण पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म, डेस्टिनेशन वेडिंग, सम्मेलन पर्यटन और स्थानीय हस्तशिल्प जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। भोपाल और इंदौर को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने आयोजन को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए सिंगल-यूज प्लास्टिक से परहेज, पेपरलेस गतिविधियों और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दिया। प्रतिनिधियों के लिए हेरिटेज वॉक, बोट राइड, बर्ड वॉक और अन्य स्थानीय गतिविधियां भी आयोजित की गईं।

निष्कर्ष: मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 से प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में निवेश, व्यावसायिक साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को नई गति मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से होटल उद्योग, ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय रोजगार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लाभ मिल सकता है।

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